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जिलाधिकारी की सख्ती के बाद सभी ब्लॉकों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन समिति गठित

संपादक लक्ष्मी रावत/ अनिल रावत

हरिद्वार।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की सख्ती के बाद हरिद्वार के सभी ब्लॉकों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन समितियों का गठन कर लिया गया है। इन समितियों का गठन उच्चतम न्यायालय के 19 फरवरी 2026 और 29 अप्रैल 2026 के आदेशों के अनुपालन में हुआ है। खंड विकास अधिकारियों ने इन समितियों की पहली बैठक कर अपनी कार्ययोजना जिला स्वच्छता कंट्रोल को भेज दी है।

मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र ने खंड विकास अधिकारियों को समिति गठन के बाद नियमित रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए थे। इससे पहले, जिलाधिकारी दीक्षित ने दो बार आदेश के बावजूद समिति गठन न होने पर नाराजगी जताई थी। उनकी सख्ती के बाद ब्लॉकों को समिति गठन के लिए दो दिन का समय दिया गया, जिसका अनुपालन किया गया। जिलाधिकारी दीक्षित ने कहा कि निकायों में पहले से ही समितियां कार्य कर रही हैं। उन्होंने पंचायत स्तर पर भी समितियों के गठन और खंड विकास अधिकारी के पर्यवेक्षण में सदस्यों के चयन के निर्देश दिए। समिति का मुख्य उद्देश्य ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। इन नियमों का सफल क्रियान्वयन जनपद में स्वच्छता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

विकास खंड स्तरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन समिति में कुल सात सदस्य रखे गए हैं। इनमें सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) सदस्य सचिव, खंड शिक्षाधिकारी और प्रभारी चिकित्साधिकारी सीएचसी शामिल हैं। सहायक खंड विकास अधिकारी, प्रथम और ब्लॉक मिशन प्रबंधक भी इसके सदस्य बनाए गए हैं। एक स्वैच्छिक संगठन या व्यक्ति तथा खंड विकास अधिकारी द्वारा नामित कोई अन्य अधिकारी भी समिति का हिस्सा बन सकता है।

गठित समिति रोस्टर के अनुसार कार्य करते हुए साप्ताहिक समीक्षा करेगी। इसकी पूरी रिपोर्ट जिला स्वच्छता कंट्रोल को देनी होगी। रिपोर्ट के लिए कंट्रोल रूम के व्हाट्सएप मोबाइल नंबर 8273371714 पर फोटो और वीडियो के साथ अन्य गतिविधियां भेजनी होंगी। अनुपालन न करने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

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