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श्री गंगोत्री-श्री यमनोत्री धाम के कपाट खुलने पर दी शुभकामनाएं

यात्री धामों की स्वच्छता का ध्यान रखें: सतपाल महाराज

संपादक- लक्ष्मी रावत/ अनिल रावत

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने श्री गंगोत्री एवं श्री यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अक्षय तृतीया के दिन सतयुग और त्रेतायुग की शुरुआत हुई थी। आज अभिजीत मुहूर्त, कृतिका नक्षत्र और आयुष्मान योग का शुभ संयोग भी है। इस तिथि पर मंदिरों के कपाट खुलना सबसे पुण्यदायी माना जाता है।

पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि मां गंगा की डोली शीतकालीन प्रवास स्थल भैरव घाटी से गंगोत्री पहुंचने के पश्चात श्री गंगोत्री धाम और मां यमुना की डोली खरसाली से यमुनोत्री पहुंचने पर श्री यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही आज से उत्तराखंड की सुप्रसिद्ध चारधाम यात्रा का भी विधिवत शुभारंभ हो गया है। जिसके साक्षी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित हजारों श्रद्धालु बने हैं। उन्होंने बताया यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने रजिस्ट्रेशन, हेल्थ चेकअप और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

श्री महाराज ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में चारधाम यात्रा में आने का अनुरोध करते हुए यात्रा के दौरान अपना QR कोड वाला रजिस्ट्रेशन पास एवं आधार कार्ड अनिवार्य रूप से साथ लाने और समय-समय पर यात्रा के दौरान जारी होने वाली एसपी का पालन करने को कहा है। उन्होंने कहा कि 50 साल से ऊपर या बीमार लोगों को यात्रा के समय अपना हेल्थ चेकअप सर्टिफिकेट अवश्य साथ रखेंने, यात्रा से पहले BP, शुगर और हार्ट के मरीजों को हेल्थ चेकअप का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग में 108 एम्बुलेंस हर रूट पर तैनात हैं। आपात स्थिति में इनकी मदद अवश्य लें। श्री गंगोत्री एवं श्री यमुनोत्री धाम का तापमान 5°C से 15°C के बीच रहता है, रात में 0°C तक गिर सकता है। इसलिए यात्रा के दौरान गर्म कपड़े, जैकेट, टोपी, दस्ताने, मफलर आदि भी अपने साथ अवश्य रखें।

यात्रियों को हिदायत देते हुए पर्यटन मंत्री ने कहा कि धामों में शराब, मांसाहार पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस बात का अवश्य ध्यान रखें और धामों को प्रदूषित न करें साथ ही यात्रा के दौरान प्लास्टिक एवं अन्य कचरा नियत स्थान पर ही डालें। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में मौसम कभी भी बदल जाता है इसलिए यात्री रेनकोट/छाता अपने साथ रखें और आपातकाल के लिए अपने पास आपदा कंट्रोल रूम 1070, 1077, पुलिस हेल्पलाइन 112, मेडिकल 108 और चारधाम हेल्पलाइन 0135-1364 फोन नम्बरों को भी अवश्य रखें।

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