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राज्यपाल के जीवन पर लिखी अंग्रेजी काव्यात्मक जीवनी ‘वातायन’ की सराहना, 15 अगस्त के बाद राजभवन में होगा भव्य विमोचन

राजभवन में महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह से डॉ. रविंद्र कुमार सैनी ने शिष्टाचार भेंट की

संपादक लक्ष्मी रावत एवं अनिल रावत
देहरादून। उत्तराखंड के महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल श्री गुरमीत सिंह से राजभवन में राज्य शैक्षिक पुरस्कार से सम्मानित एवं एसजीआरआर इंटर कॉलेज सहसपुर के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. रविंद्र कुमार सैनी ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर डॉ. सैनी ने महामहिम राज्यपाल के जीवन, व्यक्तित्व, संघर्ष, सैन्य सेवा एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण पर उनके द्वारा अंग्रेजी काव्य के रूप में लिखी गई पुस्तक ‘वातायन’ की प्रति उन्हें भेंट की।
लगभग 100 पृष्ठों की इस अनूठी पुस्तक में महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के बाल्यकाल, पारिवारिक संस्कार, प्रारंभिक शिक्षा, भारतीय सैन्य अकादमी में प्रशिक्षण तथा भारतीय सेना में उनके गौरवपूर्ण सेवाकाल सहित उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व एवं राष्ट्रसेवा को काव्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है।
महामहिम राज्यपाल ने पुस्तक का अवलोकन करते हुए डॉ. सैनी के इस रचनात्मक एवं अभिनव प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी महान व्यक्तित्व के जीवन और राष्ट्रसेवा को अंग्रेजी कविता के माध्यम से पुस्तक का स्वरूप देना डॉ. सैनी की अद्भुत साहित्यिक प्रतिभा का परिचायक है। राज्यपाल ने डॉ. सैनी के लेखन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह प्रतिभा ईश्वर एवं मां सरस्वती की विशेष कृपा का परिणाम है।
डॉ. सैनी ने बताया कि उन्होंने महामहिम राज्यपाल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व से प्रेरित होकर उनके जीवन के विभिन्न आयामों को मौलिक अंग्रेजी कविताओं के माध्यम से शब्दबद्ध किया है। यह पुस्तक केवल जीवनी नहीं, बल्कि एक ऐसे राष्ट्रसेवक के जीवन-संघर्ष, अनुशासन, समर्पण, देशभक्ति और प्रेरणादायी विचारों की काव्यात्मक अभिव्यक्ति है, जो विशेष रूप से विद्यार्थियों, युवाओं, शिक्षकों और राष्ट्रप्रेम की भावना रखने वाले पाठकों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
भेंट के दौरान महामहिम राज्यपाल ने डॉ. सैनी को अवगत कराया कि 15 अगस्त के पश्चात किसी उपयुक्त दिन राजभवन में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित कर ‘वातायन’ पुस्तक का विधिवत विमोचन किया जाएगा। यह डॉ. सैनी के लिए अत्यंत गौरव एवं प्रसन्नता का विषय है।
डॉ. सैनी ने महामहिम राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके जीवन और राष्ट्रसेवा को काव्य के माध्यम से अभिव्यक्त करने का अवसर उनके लिए स्वयं में एक गौरवपूर्ण अनुभव है। महामहिम राज्यपाल के स्नेह, प्रोत्साहन और आशीर्वचन ने उनके साहित्यिक प्रयास को नई ऊर्जा प्रदान की है।
उन्होंने कहा कि ‘वातायन’ के माध्यम से उनका उद्देश्य केवल एक व्यक्तित्व का जीवन प्रस्तुत करना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को राष्ट्रसेवा, अनुशासन, त्याग, समर्पण और देशभक्ति के मूल्यों से जोड़ना है।

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