शायर अफजल मंगलौरी का किया सम्मान
योग और पर्यावरण देश व समाज के लिए बहुत जरूरी: पूर्व मंत्री राम सिंह सैनी

संपादक- लक्ष्मी रावत/अनिल रावत
रुड़की।पूर्व गृह और शिक्षा राज्य मंत्री राम सिंह सैनी ने कहा कि योग और पर्यावरण एक दूसरे के पूरक हैं,यदि हम योग के साथ-साथ पर्यावरण सुरक्षा के लिए भी अपना योगदान दें तो यह समाज और देश के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।पूर्व गृह मंत्री राम सिंह सैनी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अंतर्राष्ट्रीय शायर तथा उर्दू अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष अफजल मंगलौरी को राज्य सरकार द्वारा प्रदेश का सबसे बड़ा साहित्यिक पुरस्कार/सम्मान दिए जाने पर बधाई देकर सम्मानित करते हुए कहा कि अफजल मंगलौरी जहां एक उच्च श्रेणी के विश्व स्तर के शायर बन गए हैं,वहीं उन्होंने अपने सात्विक साधारण जीवन को योग और पर्यावरण के लिए भी समर्पित किया है,जो उनकी सुंदर व स्वस्थ जीवन शैली को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि अफजल मंगलौरी ने योग व पर्यावरण पर अनेक कविताएं लिखकर इस अभियान में अपना योगदान दिया है,इसलिए योग दिवस के अवसर पर उनको सम्मानित किया जाना जरूरी है।जीवन के 98 वर्ष पूर्ण कर चुके पूर्व गृह मंत्री राम सिंह सैनी ने कहा कि उन्होंने खुद बचपन से आर्य समाज के सिद्धांतों के साथ-साथ योग पर विशेष ध्यान देकर नित्य दैनिक क्रियाओ में व्यायाम को हमेशा सर्वोपरि रखा,जो आज उनके दीर्घ जीवन का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि योग और पर्यावरण को हमें अपने जीवन का जरूरी हिस्सा बनना चाहिए तथा प्रत्येक दिन योग के अलावा एक पेड़ लगाने का प्रण भी लेना चाहिए।उन्होंने अफजल मंगलौरी को देश का होनहार और राष्ट्रीय एकता प्रतीक शायर बताते हुए उनका अभिनंदन किया।इस अवसर पर तेजपाल सैनी,परमवीर कौशिक,उदय कुमार मुसव्विर,विकास वशिष्ठ,शशि सैनी,इमरान देशभक्त व गौरव सैनी आदि मौजूद रहे।


