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पूज्य स्वामी और साध्वी के पावन सान्निध्य में पूरे ग्रुप ने की योग साधना

योगी माइकल मिलर, लंदन मेडिटेशन सेंटर और न्यूयॉर्क मेडिटेशन सेंटर के सह-संस्थापक अपने ग्रुप के साथ आये परमार्थ निकेतन

संपादक-लक्ष्मी रावत/ अनिल रावत

ऋषिकेश। योगी माइकल मिलर, लंदन मेडिटेशन सेंटर एवं न्यूयॉर्क मेडिटेशन सेंटर के सह-संस्थापक, अपने साधक समूह के साथ परमार्थ निकेतन पधारे। योग साधकों ने मां गंगा के पावन तट पर पूज्य स्वामी एवं साध्वी के दिव्य सान्निध्य में योग साधना, ध्यान और आध्यात्मिक अभ्यासों का अनुभव किया।
माइकल मिलर ने विश्व के अनेक देशों से आये योगियों व योग जिज्ञासुओं को परमार्थ निकेतन के दिव्य वातावरण में गहन शांति, संतुलन और आंतरिक जागरण हेतु विशेष ध्यान का अनुभव कराया। पूज्य स्वामी एवं साध्वी के प्रेरणादायी मार्गदर्शन ने साधकों को योग व ध्यान के गूढ़ आयामों से जोड़ते हुए उनके आध्यात्मिक पथ को और अधिक सशक्त एवं समृद्ध किया
विश्व की योग राजधानी के रूप में विख्यात, ऋषिकेश आज भी अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा, दिव्यता और सांस्कृतिक विरासत से सम्पूर्ण विश्व को आलोकित कर रही है। इसी पावन धरा पर स्थित परमार्थ निकेतन योग, अध्यात्म, सेवा और संस्कारों का एक जीवंत केंद्र है, जहाँ देश-विदेश से आने वाले योगी, योगाचार्य और योग जिज्ञासु आत्मिक शांति, संतुलन और जीवन के गहन अर्थ की खोज में पहुँचते हैं।
विश्व के अनेक देशों के साधक परमार्थ निकेतन आकर योग की विविध विधाओं, आसन, प्राणायाम, ध्यान एवं जीवनशैली आधारित योग को सीखते हैं तथा अपने जीवन में आत्मसात भी करते हैं। यहाँ योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि एक सम्पूर्ण जीवन पद्धति के रूप में सिखाया जाता है, जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का मार्ग प्रशस्त करता है।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि ऋषिकेश में माँ गंगा का पावन प्रवाह जिस प्रकार निरंतर प्रवाहित होता है, उसी प्रकार परमार्थ निकेतन में योग और अध्यात्म की धारा भी सतत प्रवाहित होती रहती है। मां गंगा की निर्मलता और पवित्रता प्रत्येक साधक के अंतर्मन को स्पर्श करती है और उन्हें भीतर से शुद्ध, शांत और जागरूक बनाती है। मां गंगा तट पर की गयी प्रत्येक साधना, प्रत्येक प्रार्थना और प्रत्येक संकल्प एक विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत होता है।
माइकल मिलर ने कहा कि परमार्थ निकेतन में पूज्य स्वामी और साध्वी के पावन सान्निध्य में यह समूचा वातावरण और भी दिव्यता से युक्त हो जाता है। उनकी प्रेरणादायी वाणी, सरलता और करुणा से युक्त मार्गदर्शन साधकों को आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर करने में मदद करता है, साथ ही योग साधकों को सेवा, प्रेम और समर्पण के मूल्यों से भी जोड़ता है। उनके सान्निध्य में प्रत्येक साधक अपने जीवन को एक नई दिशा और उद्देश्य प्रदान करता है।
परमार्थ निकेतन में आयोजित होने वाली विश्व विख्यात गंगा आरती मां गंगा से जुड़ने का एक विशेष अवसर है। इस दिव्य आरती में सम्मिलित होकर श्रद्धालु एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करते हैं, जहाँ दीपों की ज्योति, मंत्रों की गूंज और गंगा की धारा मिलकर एक अलौकिक वातावरण का निर्माण करती है।
प्रातःकाल विश्व शांति के लिए आयोजित यज्ञ भी यहाँ की प्रमुख आध्यात्मिक गतिविधियों में से एक है। इस यज्ञ में संपूर्ण विश्व के कल्याण, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थनाएँ की जाती हैं, जिससे साधकों में वैश्विक एकता और “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना सुदृढ़ होती है।
परमार्थ निकेतन में नियमित रूप से सत्संग, ध्यान सत्र, योग कार्यशालाएँ, आध्यात्मिक संवाद एवं विभिन्न सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय पहल व अन्य सभी गतिविधियाँ साधकों को एक समग्र अनुभव प्रदान करती हैं, जहाँ वे स्वयं को पहचानते हैं, साथ ही उन्हें समाज और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने का अवसर भी प्राप्त होता हैं।
यहां विविध संस्कृतियाँ, भाषाएँ और परंपराएँ एक सूत्र में बंधकर मानवता के उच्चतम आदर्शों को साकार करती हैं। यहाँ आने वाला प्रत्येक साधक अपने साथ केवल स्मृतियाँ ही नहीं, बल्कि एक नई चेतना, नई ऊर्जा और एक सकारात्मक परिवर्तन लेकर लौटता है।
योगी माइकल मिलर और विश्व के अनेक देशों से आये योगियों के दल ने अपनी 10 दिवसीय योग व ध्यान साधना का अनुभव लेकर गद्गद मन से आज परमार्थ निकेतन से विदा ली।

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